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लिंगड़ एक पौष्टिक तथा गुणकारी सब्ज़ी

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जानिए लुंगड़ू के लाभ

हिमाचल प्रदेश एक ऐसा राज्य जिसे प्रकृति ने खूबसूरती के साथ साथ जड़ी बूटियों का प्राकृतिक भंडार भी भेंट स्वरूप दिया है।उन्ही में से एक है बरसात के समय मिलने वाली सब्जी जिसके कई लाभ हैं ये मात्र सब्जी नही बल्कि एक आयुर्वेदिक दवाई भी है और नाम है
“लुंगड़ू” जिसे अंग्रेजी में

Fiddlehead Fern कहा जाता है

हिमाचल के अलग अलग हिस्सों में अलग नाम से पुकारा जाता है।


इसे कंही “खसरोड” कंही “लिंगड” के नाम से जाना जाता है।

कंहा कंहा पाई जाती है:-

ये चंबा, कुल्लू, शिमला,किन्नौर समेत हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में बरसात के मौसम में बहुत मात्रा में उगते हैं। हिमाचल के अलावा उत्तराखण्ड में तथा ठंडी जलवायु वाले क्षेत्र चीन, रूस और अमेरिका में लुंगड़ू उगता है।

उपयोग:- 

इसे सब्जी के तौर पर, आचार के तौर पर सलाद या बाकी सब्जियों के साथ मिक्स करके खाया जा सकता है। लुंगड़ू में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कई बीमारियों में लाभदायक सिद्ध होते हैं।

ओषधि के रूप में:-

लुंगड़ू शुगर,हार्ट आदि के मरीजों के लिए रामबाण है। इसमें fats बिल्कुल नही होता, न ही Cholesterol इसलिए ये हार्ट के मरीजों के लिए लाभकारी सिद्ध होती है।

इसमे सब प्रकार के विटामिन, मिनरल, ओर Macro nutrients का अच्छा स्त्रोत माना जाता है।

इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है साथ ही पेट के कई रोगों के लिए भी ये ओषधि का काम करता है।

फफरू:-

इसके साथ ही एक ओर सब्जी उगती है जिसे

“फफरू” कहा जाता है जिसका साग खाया जाता है।

प्रकृति की गौद में:-

ये पूरी तरह से प्राकृतिक है जिसका कोई वीज डाल कर इसे नही उगाया जाता। ये खुद ही पानी वाली जगह में तैयार हो जाती है। इसकी खेती नही होती फिर भी ये बहुत अधिक मात्रा में प्रकृति की गौद में उग आती है।
आमदनी का स्त्रोत:- 

ये घरेलू औरतो के लिए आमदनी के भी स्त्रोत है छोटे छोटे बंडल बना कर इसे 10 से 20 रुपये किलो बेचा भी जाता है। कुछ जगह इसका आचार बना कर भी बेचा जाता है।

लिंगड़ हमारे पहाड़ों की एक लोकप्रिय मौसमी सब्जी है। यह फर्न कुल का एक पेड़ है जो कि मध्यम ऊंचाई के पहाड़ों में जंगलों में नालों के किनारे उगता है। जब इसके अविकसित कुंडलीदार पौधे अभी जमीन से प्रगट ही हो रहे होते हैं, तब इनको तोड़ लिया जाता है। उस समय ये कुंडलीदार तने नरम होते हैं और इनको सब्जी बना कर खाया जा सकता है। कुछ हफ्तों के बाद ये तने सीधे और सख़्त हो जाते हैं, इनमें पत्तियाँ आ जाती हैं और यह सब्जी बनाने योग्य नहीं रह जाते। लिंगड़ का बानस्पतिक नाम Pteridium aquilinum है। लिंगड़ का मौसम अप्रैल मई से शुरू होता है और दो अढाई महीने चलता है। इस दौरान गांवों के लोग जंगल से लिंगड इकठ्ठा करके शहरों मेँ बेचते हैं और अच्छी आमदनी कमा लेते हैं।

अमरीका में पाया जाने वाला लिंगड़

क्या आप जानते हैं की लिंगड़ को लोग अमरीका मेँ भी खाते हैं? हाँ यह बिलकुल सच है। आप यह न सोचें की लिंगड केवल देहाती या पहाड़ी लोगों की सब्जी है। हाँ, अमरीका मे पाये जाने वाले लिंगड की किस्म दूसरी है। इसका बानस्पतिक नाम Matteuccia struthiopteris और वहाँ इसको फ़िडलहैड (fiddlehead) या शुतरमुर्ग (Ostrich) फर्न के नाम से जाना जाता है। देखने और स्वाद में यह हमारे लिंगड़ जैसा होता है। अमरीकन गृहणियाँ इसके कई व्यंजन बनाती हैं।

अमरीकन लिंगड़ से बना एक अमरीकन पकवान

हमारे लिंगड़ की पौष्टिकता तो अभी तक किसी ने नहीं पता की है, पर इस अमरीकन लिंगड का रासायनिक विश्लेषण करने पर पता लगा है की यह एक पौष्टिक तथा गुणकारी सब्ज़ी है और इसमें विभिन्न विटामिन, खनिज, फाइबर तथा ओमेगा 3 तथा ओमेगा 6 फैट्टी अम्ल, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभ दायक होते हैं, प्रचुर मात्रा में विद्यमान होते हैं। हो सकता है की हमारे लिंगड़ में भी ऐसा ही हो।

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