HEALTH – Himachal Live https://himachal.live Letest Updates of Himachal Fri, 22 Nov 2024 14:01:44 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://himachal.live/wp-content/uploads/2024/10/logo-3-150x150.png HEALTH – Himachal Live https://himachal.live 32 32 सर्दियों में अत्यधिक रूखी त्वचा को मैनेज करने के विशेषज्ञ सुझाव https://himachal.live/expert-backed-ways-to-manage-extremely-dry-skin-this-winter/ Fri, 22 Nov 2024 14:01:26 +0000 https://himachal.live/?p=367 सर्दियों का मौसम जहां ठंडक और सुकून लाता है, वहीं यह त्वचा के लिए कई चुनौतियां भी पेश करता है। सर्द हवाएं, कम नमी, और तापमान में गिरावट के कारण हमारी त्वचा रूखी, खुरदुरी और असुविधाजनक हो सकती है। लेकिन चिंता की बात नहीं, विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ आसान उपाय अपनाकर आप अपनी त्वचा को सर्दियों में भी नर्म, मुलायम और चमकदार बना सकते हैं।]]>

सर्दियों में अत्यधिक रूखी त्वचा को मैनेज करने के विशेषज्ञ सुझाव

सर्दियों का मौसम जहां ठंडक और सुकून लाता है, वहीं यह त्वचा के लिए कई चुनौतियां भी पेश करता है। सर्द हवाएं, कम नमी, और तापमान में गिरावट के कारण हमारी त्वचा रूखी, खुरदुरी और असुविधाजनक हो सकती है। लेकिन चिंता की बात नहीं, विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ आसान उपाय अपनाकर आप अपनी त्वचा को सर्दियों में भी नर्म, मुलायम और चमकदार बना सकते हैं।

1. त्वचा को हाइड्रेट रखें

सर्दियों में त्वचा का रूखापन बढ़ जाता है, इसलिए इसे नियमित रूप से हाइड्रेट करना बेहद जरूरी है।

  • मॉइस्चराइज़र का सही चुनाव करें: गाढ़े और क्रीम-आधारित मॉइस्चराइज़र को प्राथमिकता दें क्योंकि वे त्वचा को गहराई तक पोषण देते हैं। शिया बटर, कोको बटर या सिरेमाइड्स युक्त मॉइस्चराइज़र इस्तेमाल करें।
  • बार-बार लगाएं: दिन में दो बार मॉइस्चराइज़र लगाएं। खासतौर पर नहाने के बाद और सोने से पहले।

2. सही तरीके से नहाएं

सर्दियों में अधिक गर्म पानी से नहाना त्वचा के प्राकृतिक तेलों को खत्म कर सकता है।

  • गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें: नहाने के लिए हल्के गुनगुने पानी का उपयोग करें।
  • कम समय लें: नहाने की अवधि को 5-10 मिनट तक सीमित रखें।
  • माइल्ड क्लींजर चुनें: ऐसे साबुन और बॉडी वॉश का इस्तेमाल करें जो त्वचा को रूखा न बनाएं।

3. त्वचा को एक्सफोलिएट करें

रूखी त्वचा के कारण मृत कोशिकाएं जम जाती हैं, जिससे त्वचा खुरदुरी लग सकती है।

  • सप्ताह में एक बार एक्सफोलिएट करें: हल्के स्क्रब या प्राकृतिक सामग्री जैसे ओटमील और शहद का उपयोग करें।
  • नरम स्क्रब का उपयोग करें: कठोर एक्सफोलिएशन से बचें, क्योंकि यह त्वचा को और नुकसान पहुंचा सकता है।

4. ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें

सर्दियों में घर के अंदर हीटर चलने से हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा और रूखी हो जाती है।

  • ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें: यह हवा में नमी बनाए रखने में मदद करता है और त्वचा को हाइड्रेटेड रखता है।
  • खासकर सोते समय: रात के समय ह्यूमिडिफायर चलाने से त्वचा की नमी बरकरार रहती है।

5. हेल्दी डाइट अपनाएं

त्वचा की चमक और नमी बनाए रखने के लिए आहार का विशेष ध्यान रखें।

  • ओमेगा-3 फैटी एसिड लें: मछली, अलसी के बीज, और अखरोट का सेवन करें।
  • पानी पिएं: ठंड में प्यास कम लगती है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना न भूलें।
  • फल और सब्जियां खाएं: विटामिन C और E युक्त आहार, जैसे संतरे, गाजर, और पालक त्वचा को पोषण देते हैं।

6. सूर्य की हानिकारक किरणों से बचें

सर्दियों में सूर्य की किरणें भी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

  • सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें: सर्दियों में भी कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
  • होंठों का ध्यान रखें: होंठों के लिए SPF युक्त लिप बाम का इस्तेमाल करें।

7. त्वचा की अतिरिक्त देखभाल करें

रात को सोते समय त्वचा को अतिरिक्त पोषण दें।

  • रात में गहराई से मॉइस्चराइज करें: नाइट क्रीम का इस्तेमाल करें जिसमें हयालूरोनिक एसिड हो।
  • हाथ और पैरों की देखभाल करें: सर्दियों में हाथ और पैर भी रूखे हो जाते हैं। इनके लिए गाढ़े बॉडी बटर का इस्तेमाल करें।

8. परिधान का ध्यान रखें

  • सॉफ्ट कपड़ों का चयन करें: रूखेपन से बचने के लिए कॉटन और ऊनी कपड़े पहनें।
  • डिटर्जेंट का ध्यान रखें: हल्के डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें जो त्वचा को नुकसान न पहुंचाए।

निष्कर्ष

सर्दियों में त्वचा की देखभाल के लिए नियमितता और सही उत्पादों का चयन बेहद जरूरी है। इन विशेषज्ञ-प्रेरित उपायों को अपनाकर आप रूखी त्वचा की समस्या से निजात पा सकते हैं और अपनी त्वचा को नर्म, मुलायम और दमकती हुई बना सकते हैं।

अपनी त्वचा के प्रति सचेत रहना और उसकी जरूरतों को समझना सर्दियों के मौसम में खूबसूरती बनाए रखने का सबसे बड़ा मंत्र है।

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किडनी की सेहत आसान बनाएं: 13 सुपरफूड्स जो आपके किडनी के कार्य को बढ़ावा देंगे https://himachal.live/kidney-health-made-easy-13-superfoods-that-will-supercharge-your-function/ Mon, 11 Nov 2024 17:11:12 +0000 https://himachal.live/?p=340 किडनी की सेहत आसान बनाएं: 13 सुपरफूड्स जो आपके किडनी के कार्य को बढ़ावा देंगे किडनी की देखभाल करना जटिल नहीं होना चाहिए। इन किडनी-फ्रेंडली फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करके अपनी किडनी की सेहत को बरकरार रखें। जब बात आपके शरीर की देखभाल की आती है, तो शायद आप किडनी के बारे में […]]]>

किडनी की सेहत आसान बनाएं: 13 सुपरफूड्स जो आपके किडनी के कार्य को बढ़ावा देंगे

किडनी की देखभाल करना जटिल नहीं होना चाहिए। इन किडनी-फ्रेंडली फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करके अपनी किडनी की सेहत को बरकरार रखें।

जब बात आपके शरीर की देखभाल की आती है, तो शायद आप किडनी के बारे में ज्यादा नहीं सोचते होंगे। लेकिन ये अंग आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने का काम करते हैं और रक्त में पानी, नमक और खनिजों के संतुलन को बनाए रखते हैं। किडनी हार्मोन भी बनाती हैं, जो लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण, रक्तचाप का नियंत्रण और हड्डियों की सेहत बनाए रखने में सहायक होते हैं।

लगभग हर सात में से एक अमेरिकी वयस्क को क्रॉनिक किडनी रोग (CKD) है, जिससे शरीर में कचरे और तरल पदार्थ का जमाव हो सकता है। आपका CKD का खतरा आपके खान-पान पर भी निर्भर करता है। गलत खाद्य पदार्थ खाने से आपका जोखिम बढ़ सकता है, जबकि पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ आपके किडनी की सुरक्षा कर सकते हैं।

यहाँ 13 खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें खाने से आपकी किडनी की सेहत बरकरार रहेगी:

  1. फैटी फिश
    फिश प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है, और अगर आप ट्यूना, सैल्मन या ट्राउट जैसी फैटी फिश चुनते हैं, तो आपको ओमेगा-3 फैटी एसिड भी मिलते हैं। ओमेगा-3 फैट्स रक्त में ट्राइग्लिसराइड्स को कम कर सकते हैं और रक्तचाप को भी नियंत्रित कर सकते हैं।
  2. पत्तागोभी (कबेज)
    यह पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी है जिसमें पोटेशियम और सोडियम की मात्रा कम होती है। साथ ही, इसमें फाइबर, विटामिन C और K भी पाए जाते हैं।
  3. बेल पेपर (शिमला मिर्च)
    पत्तागोभी की तरह, शिमला मिर्च भी कम पोटेशियम के साथ अच्छी मात्रा में पोषक तत्व प्रदान करती है। इनमें विटामिन B6, B9, C और K होते हैं।
  4. क्रैनबेरी
    क्रैनबेरी यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन को रोकने में मदद करती हैं। इसके अलावा, इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो सूजन को कम कर सकते हैं।
  5. ब्लूबेरी
    ब्लूबेरी में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन C और फाइबर होते हैं, जो सूजन को कम करने और हड्डियों की सेहत का समर्थन करने में मदद कर सकते हैं।
  6. डार्क, लीफी ग्रीन्स (हरी पत्तेदार सब्जियाँ)
    पालक या केल जैसी पत्तेदार सब्जियाँ पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। लेकिन इनमें पोटेशियम भी होता है, इसलिए CKD वाले लोग इन्हें अपने डॉक्टर से पूछकर ही डाइट में शामिल करें।
  7. ऑलिव ऑयल
    ऑलिव ऑयल एंटीऑक्सीडेंट्स और स्वस्थ फैटी एसिड से भरपूर होता है। इसे चुनते समय कोल्ड-प्रेस्ड और एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल चुनना बेहतर होता है।
  8. लहसुन
    लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट्स और एलीसिन नामक यौगिक होते हैं, जो CKD वाले लोगों के लिए भी फायदेमंद साबित होते हैं।
  9. प्याज
    लहसुन के समान ही, प्याज स्वाद बढ़ाने का एक अच्छा माध्यम है। इसमें विटामिन B6, C, मैंगनीज और तांबा होते हैं।
  10. फूलगोभी (कौलीफ्लावर)
    फूलगोभी में विटामिन C, B6, B9 और K होते हैं। हालांकि, इसमें कुछ मात्रा में पोटेशियम और फॉस्फोरस भी होता है।
  11. अंडे का सफेद हिस्सा
    अंडे का सफेद हिस्सा CKD वाले लोगों के लिए प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है, खासकर अगर आप डायलिसिस पर हैं।
  12. अरुगुला
    अरुगुला में मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम और विटामिन A, B9, C और K होते हैं। यह सलाद के रूप में या अन्य डिशेज़ में उपयोग की जा सकती है।
  13. सेब
    सेब में कैंसर-रोधी क्वेरसेटिन और फाइबर होते हैं जो आपके कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण सूचना: यह जानकारी शैक्षिक और सूचना के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या लक्ष्य के बारे में सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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35 खाद्य पदार्थ जिन्हें कभी भी फ्रिज में नहीं रखना चाहिए https://himachal.live/35-foods-that-should-never-be-placed-in-the-refrigerator/ Sun, 20 Oct 2024 09:24:26 +0000 https://himachal.live/?p=310 35 खाद्य पदार्थ जिन्हें कभी भी फ्रिज में नहीं रखना चाहिए फ्रिज का उपयोग हम सभी करते हैं ताकि हमारे खाने की चीज़ें ताज़ा और सुरक्षित रहें। हालांकि, कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जिन्हें फ्रिज में रखने से उनकी गुणवत्ता खराब हो सकती है। नीचे 35 ऐसे खाद्य पदार्थों की सूची दी गई है, […]]]>

35 खाद्य पदार्थ जिन्हें कभी भी फ्रिज में नहीं रखना चाहिए

फ्रिज का उपयोग हम सभी करते हैं ताकि हमारे खाने की चीज़ें ताज़ा और सुरक्षित रहें। हालांकि, कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जिन्हें फ्रिज में रखने से उनकी गुणवत्ता खराब हो सकती है। नीचे 35 ऐसे खाद्य पदार्थों की सूची दी गई है, जिन्हें आपको कभी भी फ्रिज में नहीं रखना चाहिए।

1. आलू

आलू को फ्रिज में रखने से उसमें मौजूद स्टार्च चीनी में बदल जाता है, जिससे इसका स्वाद मीठा हो जाता है और बनावट भी खराब हो जाती है। इसे ठंडे, सूखे स्थान पर रखना बेहतर है।

2. टमाटर

टमाटर को फ्रिज में रखने से उनका स्वाद और बनावट बिगड़ सकती है। ये मुलायम हो जाते हैं और अपना प्राकृतिक स्वाद खो देते हैं। इन्हें कमरे के तापमान पर रखना सही होता है।

3. प्याज

प्याज को फ्रिज में रखने से वे नमी खींच सकते हैं और गल सकते हैं। इन्हें ठंडे और अंधेरे स्थान पर स्टोर करना सही रहता है।

4. लहसुन

लहसुन को फ्रिज में रखने से वह अंकुरित हो सकता है और उसका स्वाद कम हो सकता है। इसे भी सूखे और ठंडे स्थान पर रखें।

5. रोटी

फ्रिज में रोटी रखने से यह जल्दी सूख सकती है और इसका स्वाद खराब हो सकता है। इसे एयरटाइट कंटेनर में कमरे के तापमान पर स्टोर करें।

6. शहद

शहद को फ्रिज में रखने से यह क्रिस्टलाइज हो सकता है और उसकी बनावट बदल सकती है। इसे कमरे के तापमान पर रखना सही रहता है।

7. केला

केले को फ्रिज में रखने से वे काले पड़ सकते हैं और उनकी पकने की प्रक्रिया रुक जाती है। इन्हें कमरे के तापमान पर रखें।

8. कॉफी

कॉफी को फ्रिज में रखने से यह नमी खींच सकती है, जिससे इसका स्वाद बदल सकता है। इसे एयरटाइट कंटेनर में सूखे स्थान पर स्टोर करें।

9. बेसिल (तुलसी)

तुलसी को फ्रिज में रखने से इसके पत्ते जल्दी मुरझा जाते हैं। इसे कमरे के तापमान पर पानी में रखें।

10. पका हुआ एवोकाडो

एवोकाडो को फ्रिज में रखने से यह पकने की प्रक्रिया रुक जाती है। अगर यह पका हुआ है तो इसे बाहर ही रखना बेहतर होता है।

11. खरबूजा और तरबूज (कटा हुआ छोड़कर)

कटे हुए खरबूजे को छोड़कर, साबुत खरबूजे और तरबूज को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए। इन्हें कमरे के तापमान पर रखें ताकि वे अपनी मिठास बनाए रखें।

12. अंडे

बहुत से देशों में अंडों को फ्रिज में रखने की आवश्यकता नहीं होती। कमरे के तापमान पर भी ये सुरक्षित रहते हैं, हालांकि गर्म मौसम में फ्रिज में रखना सही हो सकता है।

13. जड़ी-बूटियां (Herbs)

जड़ी-बूटियों को फ्रिज में रखने से उनका स्वाद और ताजगी खो सकती है। इन्हें एक गिलास पानी में रखें और ऊपर से प्लास्टिक बैग ढक दें।

14. जामुन (Berries)

जामुन को तुरंत खाने के लिए फ्रिज में रखना चाहिए, लेकिन लंबे समय तक रखने से इनका स्वाद बदल सकता है। इन्हें कमरे के तापमान पर भी कुछ दिन तक रखा जा सकता है।

15. मक्खन

मक्खन को बाहर रखने से यह आसानी से फैला जा सकता है, जबकि फ्रिज में रखने से यह सख्त हो जाता है।

16. सिरका

सिरका को फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं है, यह कमरे के तापमान पर भी लंबे समय तक अच्छा रहता है।

17. सॉस (टोमेटो, बारबेक्यू आदि)

इन सॉस को फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं होती क्योंकि इनमें पहले से संरक्षक (Preservatives) होते हैं।

18. अचार

अचार को फ्रिज में रखने की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि इसमें नमक और तेल होता है, जो इसे संरक्षित रखने में मदद करता है।

19. ड्राई फ्रूट्स

सूखे मेवों को फ्रिज में रखने से उनका स्वाद कम हो सकता है। इन्हें एयरटाइट कंटेनर में सूखे स्थान पर रखें।

20. शराब (Red Wine)

रेड वाइन को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए, इसे कमरे के तापमान पर ही रखा जाता है ताकि इसका स्वाद सही बना रहे।

21. तेल (जैतून का तेल)

जैतून का तेल फ्रिज में रखने से यह गाढ़ा हो सकता है और इसका स्वाद बदल सकता है। इसे ठंडे और अंधेरे स्थान पर रखें।

22. नाशपाती

नाशपाती को फ्रिज में रखने से इसका पकना रुक सकता है। इन्हें बाहर ही रखना बेहतर होता है।

23. आड़ू

आड़ू को फ्रिज में रखने से उनका स्वाद बिगड़ सकता है। इन्हें कमरे के तापमान पर ही पकने दें।

24. अनार

अनार को फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं है, यह बाहर भी लंबे समय तक ताज़ा रहता है।

25. नारियल का तेल

नारियल का तेल फ्रिज में रखने से जम सकता है, इसलिए इसे कमरे के तापमान पर ही रखें।

26. केक

केक को फ्रिज में रखने से इसकी नमी खो सकती है और यह सूख सकता है। इसे एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।

27. खजूर

खजूर को फ्रिज में रखने से उनकी नमी कम हो सकती है। इन्हें बाहर एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।

28. चॉकलेट

चॉकलेट को फ्रिज में रखने से इसमें नमी आ सकती है और इसका स्वाद बदल सकता है। इसे कमरे के तापमान पर रखें।

29. पेस्ट्री

पेस्ट्री को फ्रिज में रखने से वह सख्त हो सकती है। इसे बाहर ही रखकर जल्द ही खा लेना चाहिए।

30. अदरक

अदरक को फ्रिज में रखने से उसकी ताजगी कम हो सकती है। इसे सूखे और ठंडे स्थान पर रखें।

31. नमक

नमक को फ्रिज में रखने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह स्वाभाविक रूप से संरक्षित रहता है।

32. नींबू

नींबू को फ्रिज में रखने से इनकी त्वचा कठोर हो सकती है और रस कम हो सकता है। इन्हें बाहर ही रखना बेहतर होता है।

33. डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ

जब तक डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ नहीं खुले, इन्हें फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं होती। इन्हें सूखे और ठंडे स्थान पर स्टोर करें।

34. हल्दी और मसाले

मसालों को फ्रिज में रखने से उनका स्वाद बदल सकता है। इन्हें बाहर एयरटाइट कंटेनर में रखें।

35. ताजे फूल (Edible Flowers)

ताजे खाने योग्य फूलों को फ्रिज में रखने से उनकी ताजगी कम हो सकती है। इन्हें बाहर रखें और जल्द ही उपयोग करें।

निष्कर्ष

हर खाने की चीज़ को फ्रिज में रखना हमेशा सही नहीं होता। कई खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं, जिन्हें कमरे के तापमान पर रखने से वे बेहतर रहते हैं। सही स्थान पर खाद्य पदार्थों को रखने से न केवल उनका स्वाद बरकरार रहता है, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी बनी रहती है।

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हिमाचल का हरा सोना: मटर की ताजगी से चमक रही मंडियां, किसानों को मिल रहे शानदार दाम https://himachal.live/himachals-green-gold-peas-boosting-markets-with-freshness-farmers-reaping-excellent-profits/ https://himachal.live/himachals-green-gold-peas-boosting-markets-with-freshness-farmers-reaping-excellent-profits/#respond Sun, 13 Oct 2024 06:10:50 +0000 https://himachal.live/?p=166 अक्तूबर के महीने में हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए एक विशेष अवसर होता है, क्योंकि इस समय केवल हिमाचल में ही मटर की फसल तैयार होती है। यही कारण है कि हिमाचल के हरे, ताजे और पौष्टिक मटर की देशभर में, विशेषकर मुंबई और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में भारी मांग रहती है। यह […]]]>

अक्तूबर के महीने में हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए एक विशेष अवसर होता है, क्योंकि इस समय केवल हिमाचल में ही मटर की फसल तैयार होती है। यही कारण है कि हिमाचल के हरे, ताजे और पौष्टिक मटर की देशभर में, विशेषकर मुंबई और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में भारी मांग रहती है। यह मांग किसानों को अच्छे दाम दिलाने में मदद करती है, जिससे उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होता है।

शिमला की प्रमुख ढली सब्जी मंडी में इन दिनों रोहडू, कोटखाई, करसोग और मंडी जैसी जगहों से मटर की बड़ी खेपें आ रही हैं। इन मंडियों में किसानों को 50 रुपये से लेकर 130 रुपये प्रति किलो तक के थोक दाम मिल रहे हैं, जो उनके लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।

हिमाचल के हरे मटर की लोकप्रियता का एक प्रमुख कारण उसकी गुणवत्ता है। यह मटर देखने में चमकदार और आकर्षक होने के साथ-साथ अत्यधिक पौष्टिक होता है, जो इसे अन्य राज्यों में भी खास बनाता है। प्रदेश में शिमला सहित कई अन्य मंडियों में बाहरी राज्यों से कारोबारी आते हैं और बड़ी मात्रा में मटर खरीदते हैं। हर साल हिमाचल की मंडियों से सैकड़ों टन मटर दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता और सूरत जैसी प्रमुख मंडियों में भेजा जाता है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं और उनका व्यापार फलता-फूलता है।

ढली सब्जी मंडी के आढ़ती एसोसिएशन के सचिव, बिट्टू वर्मा के अनुसार, इस समय ढली मंडी से रोजाना 200 से 300 क्विंटल मटर बाहरी राज्यों की मंडियों में भेजा जा रहा है। चूंकि इस मौसम में केवल हिमाचल में ही मटर की फसल होती है, इसलिए बाहरी राज्यों से मटर की भारी मांग होती है।

हिमाचल प्रदेश में मटर का कारोबार एक बड़ा आर्थिक स्रोत है। शिमला जिले की मंडियों में हर साल 100 करोड़ रुपये से अधिक का मटर का कारोबार होता है, जबकि पूरे प्रदेश में यह कारोबार 700 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। खासकर रबी सीजन के दौरान हिमाचल में उगाया जाने वाला बेमौसमी मटर महानगरों के बड़े बाजारों में काफी लोकप्रिय होता है। यहां तक कि फाइव स्टार होटलों में भी हिमाचल का पहाड़ी मटर खास मांग में रहता है।

इस प्रकार, हिमाचल के मटर की विशेषता और उसकी बाजार में बढ़ती मांग न केवल स्थानीय किसानों के लिए लाभदायक है, बल्कि प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है।

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रोजाना पीएं बादाम का दूध, बूस्‍ट होगी इम्‍यून‍िटी और होंगे ये फायदे https://himachal.live/health-benefits-of-almond-milk/ https://himachal.live/health-benefits-of-almond-milk/#respond Sat, 12 Oct 2024 16:50:27 +0000 https://himachal.live/?p=154 बादाम दूध पीने में जि‍तना स्वादिष्ट लगता है उतना ही हेल्दी भी होता है। दूध औऱ बादाम के न्यूट्रिशन शरीर के ल‍िए काफी फायेदमंद होते हैं। बादाम का दूध पीने से दूध में मौजूद प्रोटीन, विटामिन डी और कैल्शियम का फायदा मिलता है। वहीं, बादाम के पोषक में मौजूद हेल्दी फैट्स, विटामिन ई और विटामिन […]]]>
बादाम दूध पीने में जि‍तना स्वादिष्ट लगता है उतना ही हेल्दी भी होता है। दूध औऱ बादाम के न्यूट्रिशन शरीर के ल‍िए काफी फायेदमंद होते हैं। बादाम का दूध पीने से दूध में मौजूद प्रोटीन, विटामिन डी और कैल्शियम का फायदा मिलता है। वहीं, बादाम के पोषक में मौजूद हेल्दी फैट्स, विटामिन ई और विटामिन बी 12 शरीर का पोषण करते हैं और इम्यून सिस्टम को भी काम करने में मदद करते हैं। आइए जानते है इसे पीने के फायदों के बारे में।
बादाम दूध की रेसिपी
हेल्दी बादाम का दूध बनाने के लिए एक गिलास दूध को आंच पर उबलने रखें। इसमें, 6-7 पीसे हुए बादाम या बादाम का पाउडर मिलाएं। इसे 5-10 मिनट के लिए उबलने दें। फिर, इस दूध में स्वाद के अनुसार मीठा मिलाएं। अगर, गुड़ या शहद मिलाना चाहते हैं तो, दूध को आंच से उतारने के बाद मिलाएं वरना दूध फट सकता है।
प्री वर्कआउट ड्रिंक

जो लोग डेली रुटीन में ज‍िम जाते है। उन्हें बादाम का दूध पीना चाहिए। जैसा कि बादाम और दूध बहुत पौष्टिक होते हैं। इसीलिए, इनके सेवने से आपको बॉडी टोन अप करने और मसल्स बिल्ड में मदद होती है। इसे पीने से भी एनर्जी मिलती है। इसीलिए, वर्कआउट से एक घंटा पहले बादाम वाला दूध पीएं।

आंखों की रोशनी बढ़ती है
रोज़ाना बादाम वाला दूध पीने से से आंखों की रोशनी तेज होती हैं। क्योंकि इसमें काफी मात्रा में विटामिन ए होता है जो आंखों के लिए बेहद जरूरी होता है। हर रोज इसका सेवन करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
वेट लॉस में मददगार
बादाम वाला दूध पीएंगे तो इससे आपका वेट लॉस भी होगा। रात में सोने से पहले बादाम का दूध पीएं। गुनगुना दूध पीने से तनाव भी कम होगा, अच्छी नींद आएगी और साथ ही वेट लॉस भी होगा
दिमाग को बनाएं तेज

बादाम को हमेशा से ही दिमाग के लिए काफी अच्छा माना जाता है। बादाम में मौजूद प्रोटीन ब्रेन सेल्स को रिपेयर करता है और ब्रेन फंक्शन को बेहतर बनाता है। इसलिए रोजाना दूध में बादाम मिलाकर पीएं। इससे आपकी याददाश्त, सोचने-समझने व फैसले लेने की शक्ति कई गुना बढ़ जाएगी।

हड्डियां मज़बूत बनती हैं
कैल्शियम की कमी से कई लोगों की हड्डियां कमज़ोर होने लगती हैं। खासकर, उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां को अधिक कैल्शियम की ज़रूरत पड़ती है। जिससे जोड़ों में दर्द की परेशानी हो जाती है। ऐसे में हर रोज बादाम दूध पीना चाहिए जिससे हड्डियां मजबूत होती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी।
हृदय बनेगा हेल्दी

बादाम के दूध का सेवन करने से आपका हार्ट हेल्दी बनता है। दरअसल, बादाम के दूध में विटामिन-ए और विटामिन-ई पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। यह पोषक तत्व कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं। जिसके कारण आपका हृदय स्वस्थ रहता है।

Courtesy: Boldsky
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दिल को रखना है लंबे समय तक स्वस्थ, तो याद रखिये ये 7 बातें https://himachal.live/seven-tips-for-lifelong-healthy-heart/ https://himachal.live/seven-tips-for-lifelong-healthy-heart/#respond Sat, 12 Oct 2024 08:40:08 +0000 https://himachal.live/?p=136   दिल शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। आजकल अस्वस्थ खान-पान की वजह से बहुत सारे लोगों को कम उम्र में ही दिल की बीमारियां हो रही हैं। दिल की बीमारियां इसलिए गंभीर मानी जाती हैं कि इनमें रोगी को अक्सर संभलने और रोग के निदान का समय नहीं मिलता है। इन बीमारियों में हार्ट […]]]>

 

दिल शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। आजकल अस्वस्थ खान-पान की वजह से बहुत सारे लोगों को कम उम्र में ही दिल की बीमारियां हो रही हैं। दिल की बीमारियां इसलिए गंभीर मानी जाती हैं कि इनमें रोगी को अक्सर संभलने और रोग के निदान का समय नहीं मिलता है। इन बीमारियों में हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर, हार्ट ब्लॉक आदि प्रमुख हैं। दिल की ज्यादातर बीमारियों से बचा जा सकता है अगर कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें। आइये जानते हैं कि किन बातों को अपनाकर आप अपने दिल को रख सकते हैं लंबे समय तक स्वस्थ।

जीवनशैली बदलें

नियमित व्‍यायाम और स्‍वस्‍थ खान-पान के जरिये ही दिल को स्‍वस्‍थ रखा जा सकता है। ऐसे आहार का सेवन कीजिए जिसमें मोनोसैचुरेटेड और पॉलीसैचुरेटेड फैट हो, यह शरीर एलडीएल यानी बुरे कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा को कम कर दिल को स्‍वस्‍थ रखता है। खानपान के अलावा नियमित रूप से व्‍यायाम दिल को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करता है। अधिक फास्टफूड, तेल-मसाले और तले-भुने खानों को खाने से बचें।

तनाव से बचें

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण हर इंसान परेशान नजर आता है। दफ्तर हो या परिवार, इंसान किसी न किसी वजह से तनाव में घिरा रहता है। लेकिन, तनाव आपके हृदय के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं। इसलिए तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें। तनाव से हमारा ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है और ब्लड प्रेशर से हमारा दिल इसलिए दिल के रोगों से अगर दूर रहना है तो तनाव को छोड़ना होगा।

ब्लड प्रेशर पर रखें नजर

ब्लड प्रेशर दिल की परेशानियों की बड़ी वजह है। अगर आपके शरीर में खून अच्छी तरह सभी अंगों में प्रवाहित हो रहा है तो ज्यादातर रोगों की संभावना कम हो जाती है। अपने ब्लड प्रेशर को 120/80 एमएमएचजी के आसपास रखें। ब्लड प्रेशर विशेष रूप से 130/ 90 से ऊपर आपके ब्लॉकेज (अवरोध) को दुगनी रफ्तार से बढ़ाएगा। इसको कम करने के लिए खाने में नमक का कम इस्तेमाल करें और जरुरत पड़े तो हल्की दवाएं लेकर भी ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है।

वजन पर कंट्रोल रखें

वजन बढ़ने से दिल की बीमारियों के साथ-साथ अन्य कई बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है इसलिए अगर आपको स्वस्थ रहना है तो अपना वजन हमेशा कंट्रोल में रखें। आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 से नीचे रहना चाहिए। इसकी गणना आप अपने किलोग्राम वजन को मीटर में अपने कद के स्क्वेयर के साथ घटाकर कर सकते हैं। तेल के परहेज और निम्न रेशे वाले अनाजों तथा सलादों के सेवन द्वारा आप अपने वजन को नियंत्रित कर सकते हैं।

फाइबरयुक्त आहार का सेवन करें

स्वस्थ हृदय के लिए फाइबरयुक्त और रेशेदार भोजन का सेवन करें। भोजन में अधिक सलाद, सब्जियों तथा फलों का प्रयोग करें। इसके अलावा ड्राई फ्रूट्स को भी रोज के आहार में शामिल कीजिए। ये आपके भोजन में रेशे और एंटी ऑक्सीडेंट्स के स्रोत हैं और एचडीएल या गुड कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने में सहायक होते हैं। इससे आपकी पाचन क्षमता भी अच्छी बनी रहती है।

ब्लड शुगर को न बढ़ने दें

डायबिटीज यानि ब्लड में शुगर की मात्रा भी दिल की बीमारियों की एक बड़ी वजह है। अगर आप डायबिटीज से पीड़ित हैं तो शुगर को नियंत्रण में रखें। आपका फास्टिंग ब्लड शुगर 100 एमजी/ डीएल से नीचे होना चाहिए और खाने के दो घंटे बाद उसे 140 एमजी/ डीएल से नीचे होना चाहिए। व्यायाम, वजन में कमी, भोजन में अधिक रेशा लेकर तथा मीठे भोज्य पदार्थों से बचते हुए डायबिटीज को खतरनाक न बनने दें। अगर जरूरत परे तो हल्की दवाओं का सेवन करना चाहिए।

व्यायाम भी है जरूरी

हृदय रोगों का खतरा कम करने के लिए ज़रूरी है उच्च रक्तचाप, उच्च कॅालेस्ट्राल के स्तर को कम करना, जिससे गंभीर रोगों की संभावना भी कम की जा सके। स्वस्थ हृदय के लिए व्यायाम बेहद बहुत ही आवश्यक है। प्रतिदिन थोड़ी देर टहलकर भी आप अपने वजन को नियंत्रित रख हृदय को स्वस्थ रख सकते हैं। इसलिए जिम जायें, जागिंग करें और जितना हो सके चलने का प्रयास करें।

 

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मधुमेह के लिए हल्दी सर्वोत्तम है। टाइप 2 डायबिटीज के मरीज ऐसे करें इस्तेमाल https://himachal.live/turmeric-is-best-for-diabetic/ https://himachal.live/turmeric-is-best-for-diabetic/#respond Fri, 11 Oct 2024 16:48:02 +0000 https://himachal.live/?p=147 भारत में डायबिटीज यानि मधुमेह की बीमारी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस बीमारी का सबसे प्रमुख कारण गलत खान-पान और खराब जीवन शैली है। भारत में डायबिटीज से पीड़ित 25 वर्ष से कम आयु के हर चार लोगों में से एक को टाइप 2 मधुमेह है। इस बीमारी में खुद का सही से […]]]>

भारत में डायबिटीज यानि मधुमेह की बीमारी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस बीमारी का सबसे प्रमुख कारण गलत खान-पान और खराब जीवन शैली है। भारत में डायबिटीज से पीड़ित 25 वर्ष से कम आयु के हर चार लोगों में से एक को टाइप 2 मधुमेह है। इस बीमारी में खुद का सही से ख्याल नहीं रखने पर व्यक्ति की हालात इतनी बिगड़ सकती है कि उसकी जान भी जा सकती है। ऐसे में मधुमेह रोगियों को अपने खानपान को लेकर बेहद सतर्क रहना चाहिए। मरीजों को अपनी डाइट में उन फूड्स को शामिल करना चाहिए जो प्राकृतिक रूप से ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि कैसे हल्दी है डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद-

कर्क्यूमिन है असरदार:हल्दी में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो मधुमेह से लड़ने में मदद करते हैं। हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है जिसे एंटी-डायबिटिक के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। डायबिटीज को कंट्रोल करने में हल्दी का सेवन लाभदायक सिद्ध होता है। इसके अलावा, हल्दी में पाया जाने वाला ओमेगा -3 फैटी एसिड्स सूजन को कम करने में भी मददगार है।

कोलेस्ट्रॉल को करे कंट्रोल: ब्लड शुगर बढ़ने का एक बड़ा कारण हाई कोलेस्ट्रॉल भी होता है। हल्दी में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही कर्क्यूमिन एथेरोस्क्लेरोसिस होने से बचाता है। बता दें कि इस स्थिति में व्यक्ति की धमनियां सख्त और छोटी होने लगती है। हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।

इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार:डायबिटीज के मरीजों की इम्युनिटी दूसरों की तुलना में कमजोर होती है। इस कारण उन्हें दूसरी बीमारियों की चपेट में आने का खतरा भी अधिक होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना कम से कम 1 ग्राम हल्दी का सेवन करने से इम्युन सिस्टम मजबूत होता है। हल्दी एक बेहतरीन फ्लू फाइटर है, इसमें एंटी-वायरल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं।

चोट और घाव से मिलता है आराम:मधुमेह रोगियों के शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा अधिक होने के कारण उन्हें आए दिन घाव और सूजन की परेशानी हो जाती है। पुराने जमाने से ही चोट, जख्म, सूजन और घाव के उपचार में हल्दी का इस्तेमाल प्रचलित है। हल्दी का पेस्ट लगाने से कई घाव तुरंत ठीक हो जाते हैं।

हल्दी दूध होगा फायदेमंद:रात को सोते समय हल्दी वाला दूध पीना किसी अमृत से कम नहीं माना जाता है क्योंकि सोते समय बॉडी खुद को रीस्टोर करती है। रोजाना हल्दी दूध पीने से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ नष्ट हो जाते हैं जिससे इंफेक्शन होने का खतरा कम हो जाता है। यह ना केवल आपको बेहतर नींद लाने में मदद करता है, बल्कि आपको तरोताजा और अधिक ऊर्जावान बनाने में भी मदद करता है।

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नींबू का अचार डालने के लिए अपनाएं ये खास तरीका, मिलेगा मां के हाथों वाला स्वाद https://himachal.live/food-news-authentic-homemade-lemon-pickle-recipe/ https://himachal.live/food-news-authentic-homemade-lemon-pickle-recipe/#respond Fri, 11 Oct 2024 16:44:34 +0000 https://himachal.live/?p=141 खाने की थाली में अचार को कई लोग शामिल करते हैं। आज हम आपको नींबू का अचार बनाने की एक लाजवाब रेसिपी (Homemade Lemon Pickle) शेयर करने जा रहे हैं जिसे फॉलो करके आप अपने घर पर ही मां के हाथ का स्वाद वाला नींबू का अचार बना सकते हैं। खास बात है कि ये सालों-साल खराब नहीं होगा और इसे बनाने में भी आपको ज्यादा मेहनत नहीं लगेगी। ]]>

Homemade Lemon Pickle Recipe: नींबू का अचार स्वाद में लाजवाब होता है और इसे काफी पसंद किया जाता है। अगर आप भी अपने लंच या डिनर का स्वाद दोगुना करना चाहते हैं तो यहां बताई गई स्पेशल रेसिपी को फॉलो कर सकते हैं। बता दें, अगर नींबू का अचार डालने के लिए सही तरीका अपनाया जाए तो यह सालों तक खराब नहीं होता है। अगर आपकी भी ये शिकायत रहती है कि घर पर डाला गया नींबू का अचार जल्द खराब हो जाता है, तो यहां हम इसे बनाने के लिए कुछ खास टिप्स लेकर आए हैं।

नींबू का अचार बनाने के लिए सामग्री

  • नींबू – 10-12
  • सरसों का तेल – 1 कप
  • लाल मिर्च पाउडर – 1/2 कप
  • हल्दी पाउडर – 1/2 चम्मच
  • धनिया पाउडर – 1 चम्मच
  • अमचूर पाउडर – 1/2 चम्मच
  • नमक – स्वादानुसार
  • कड़ी पत्ता – कुछ
  • राई – 1/2 चम्मच

 

नींबू का अचार बनाने की विधि

  • नींबू का अचार डालने के लिए सबसे पहले इसे धोकर सुखा लें।
  • इसके बाद नींबू के दोनों सिरों को काटकर अलग कर दें।
  • अब नींबू को पतले-पतले स्लाइस में काट लें।
  • इसके बाद कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म करें।
  • तेल गर्म हो जाए, तो इसमें राई और कढ़ी पत्ते डालकर चटकाएं।
  • फिर इसमें लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, अमचूर पाउडर और नमक डालें।
  • सभी मसालों को कुछ सेकंड तक भूल लें। फिर इसमें नींबू के स्लाइस डालकर अच्छे से मिक्स कर दें।
  • इसके बाद एक जार में नींबू और मसाले वाला यह मिश्रण भरें और इसे अच्छी तरह से बंद कर दें।
  • इस जार को रूम टेम्परेचर पर 1-2 दिन के लिए रख दें। इससे अचार का स्वाद और सुगंध दोनों बढ़ जाएगी।

इन बातों का भी रखें ध्यान

  • नींबू के स्लाइस को पतला-पतला काटे ताकि अचार जल्दी से तैयार हो जाए।
  • अचार को सूखे और साफ-सुथरे जार में ही रखें।
  • अचार को कमरे के तापमान पर ही रखें। इसे रेफ्रिजरेटर में रखने की जरूरत नहीं है।
  • अगर आप अचार को चटपटा बनाना चाहते हैं तो लाल मिर्च पाउडर की मात्रा अपने हिसाब से बढ़ा सकते हैं।
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